Baje Baje Re Shehnai Jain Bhajan Lyrics
बाजे बाजे रे शहनाई
बाजे बाजे रे शहनाई,
घर-घर छाई मंगल छाया।
जीना जिनवर नाम सुमरके,
मन ने सच्चा सुख पाया।
अहिंसा का दीप जलाया,
सत्य-पथ का राग सजाया,
करुणा की मीठी तान में,
जीवन गीत नया गाया।
बाजे बाजे रे शहनाई,
जिनशासन की महिमा गाई।
त्याग-वैराग्य की खुशबू फैली,
लोभ-मोह की छाया टली,
नव मंगल की बेला आई,
श्रद्धा हृदय में गहरी पली।
ना ढोल, नगाड़े, ना
शोर-शराबा,
शांत सुरों में आनंद लाया,
मन मंदिर में गूंजे वाणी,
जिनवर ने आशीष बरसाया।
बाजे बाजे रे शहनाई,
शुभ अवसर की धुन समाई।
हर श्वास में हो जिनवर नाम,
हर कर्म बने पावन काम,
बाजे बाजे रे शहनाई,
जैन धर्म का अमर पैगाम।