Sanju Sharma Bhajan Lyrics
श्याम नाम की धुन लगी,
मन मेरा मगन हुआ।
दुनिया की सब भीड़ में,
तेरा ही चिंतन हुआ।
हारे का तू ही सहारा,
जब सबने मुँह मोड़ा।
तेरे द्वारे आकर बाबा,
दुख का घड़ा फोड़ा।
नैनों में बस गई सूरत,
साँवरा सा शृंगार।
तेरे चरणों में रख दी,
मैंने अपनी हर हार।
भक्ति का रंग चढ़ा जब,
मन से मिटा अँधेरा।
तेरा नाम लिया जिसने,
बदला भाग्य सवेरा।
साँस-साँस में श्याम बसे,
होंठों पे तेरी बात।
कदम-कदम पर साथ निभाए,
मेरे साँवरे नाथ।
दर तेरे आया हूँ बाबा,
खाली झोली लाया हूँ।
जो भी माँगा दिल से मैंने,
तेरे नाम पे पाया हूँ।
मान-अभिमान छोड़ के,
सीखा तेरे संग रहना।
नाम-सुमिरन का अमृत,
पीकर जाना सहना।